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RatanKhatri Died

Mumbai: Ratan Khatri, the ‘matka king’, dies at 88 Khatri is said to be the person who spread a particular form of gambling, which was based on picking chits from matkas (earthern pots), from Mumbai to different parts of the country.

खेलों में सट्टा को कानूनी रूप देने की योजना नहीं : खेलमंत्री

सरकार की विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में हार जीत के लिये में लगने वाले सट्टा को कानूनी दर्जा देने की योजना नहीं है। युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्द्धन राठौड़ ने आज राज्यसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विधि आयोग ने सरकार को पांच जुलाई 2018 को पेश अपनी रिपोर्ट 'कानूनी रूपरेखा' : भारत में क्रिकेट सहित अन्य खेलों में जुआ और खेल सट्टेबाजी में बताया कि वर्तमान परिदृष्य में भारत में सट्टेबाजी और जुआ को कानूनी रूप देना व्यावहारिक नहीं है। राठौड़ ने एक प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि सट्टेबाजी और जुआ कानून व्यवस्था से जुड़ा मसला होने के कारण राज्य सूची का विषय है। इसलिए राज्य प्राधिकरण गैर कानूनी खेल के रूप में सक्रिय सट्टेबाजी मार्केट पर नियंत्रण के लिए उत्तरदायी हैं। हाल में खबरें आई हैं आगरा के ताजगंज के पारसनाथ पंचवटी में रहने वाला श्याम बोहरा जेल से निकले की फिराक में है जिससे कि वह अपना सट्टा कारोबार फिर से बढ़ा सके। श्याम बोहरा इलाके में सट्टा किंग के नामसे मशहूर है।

सट्टेबाजी: अफगानिस्तान के क्रिकेट मैच पर सट्टा लगाते दो गिरफ्तार

अफगानिस्तान क्रिकेट मैच पर सट्टा लगा रहे नरवाना निवासी दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस उपाधीक्षक कुलवंत सिंह व सिटी थाना प्रभारी सुरेंद्र बागड़ी ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि नरवाना के मॉडल टाउन के एक घर में अफगानिस्तान लीग क्रिकेट मैच पर सट्टा लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंच पर दो आरोपियों गुलशन व मदन को काबू कर लिया। आरोपियों से एक टीवी, पांच मोबाइल, और एक लाख दो हजार रुपये की नगदी भी बरामद की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

10 साल में स्कूटर से ऑडी कार तक पहुंच गया सट्टा किंग श्याम बोहरा

तीन दशक पहले शुरू हुआ सट्टा कारोबार अब देश के बड़े शहरों से लेकर गांव की गलियों तक पहुंच गया है। कम समय में करोड़पति बनने के लालच में सैकड़ों घर उजाड़ चुके इस कारोबार से जुड़े लोगों के अपना कायदा-कानून है। इसी क्रम में दवा का अवैध कारोबार करने वाला श्याम बोहरा एक दशक में करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन गया। पॉश कॉलोनी में कोठी और ऑडी कार की सवारी करने वाले इस सटोरिये के बड़े बनने के पीछे सफेदपोश और अफसरों का संरक्षण बताया जा रहा है। आगरा के ताजगंज के पारसनाथ पंचवटी में रहने वाला श्याम बोहरा पुत्र श्रीराम बोहरा पंद्रह साल से सट्टे का काला कारोबार कर रहा है। जानकारों की मने तो दस साल पहले वह दवा का अवैध कारोबार करता था और स्कूटर से चलता था। वर्ष 2008 में ताजगंज के एक स्थानीय नेता का संरक्षण था। उसके माध्यम से एक माननीय से संबंध बनाए और बडे़ स्तर पर कारोबार शुरू कर दिया। वर्ष 2009 में पहली बार उसका सट्टे में नाम सामने आया। मगर, पुलिस ने उसे बचा दिया। कुछ ही दिन में वह शहर का सबसे बड़ा बुकी बन गया और ऑडी कार से चलने लगा। सफेदपोशों और अफसरों के संरक्षण के चलते उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। चुनाव आचार संहित लगने के बाद फरवरी 2017 में पहली बार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा। ताजगंज थाने में धोखाधड़ी और 13 जुआ एक्ट में मुकदमा दर्ज हुआ। चार दिन बाद जमानत पर वह जेल से बाहर आ गया। इसमें पुलिस ने मई 2017 में केवल 3 /4 जुआ अधिनियम में चार्जशीट लगाकर काम खत्म कर दिया। इसमें श्याम बोहरा के साथी जिप्पी और शैलेष अग्रवाल उर्फ निक्की के नाम निकाल दिए गए। इसके बाद फिर खुलेआम खेल चल रहा था। चर्चाएं हैं कि अब उसकी पैरवी शहर के एक बड़े कारोबारी द्वारा की जा रही है। कारोबारी की अफसरों से करीबी के चलते वर्ष 2017 में सटोरिये को पकड़ने वाली पुलिस टीम पर गाज गिर गई। कुछ के गैर जनपद तबादले हुए तो कुछ पुलिसकर्मियों की जांच खुलीं। हालात ऐसी हो गई कि पुलिस भी इस सटोरिये से डरने लगी है। उसको पकड़ना तो दूर पुलिसकर्मी उसके बारे में बात करने से भी डरते हैं। आलीशान कोठी और होटल भी शहर के सबसे बड़े बुकी का ताजनगरी में एक होटल है और शहर की पॉश कॉलोनियों में कोठियां हैं। इसके अलावा शहर के प्रमुख बाजारों में उसकी प्रॉपर्टी हैं। बोहरा के बेटे के खिलाड़ियों के साथ फोटो वायरल श्याम बोहरा के बेटे के कई बड़े खिलाड़ियों के साथ फोटो हैं। साउथ अफ्रीका के जेपी डूमनी का मुंबई के ट्राइडेंट होटल का फोटो उसके फेसबुक प्रोफाइल पर था। कई अन्य खिलाड़ियों के साथ भी उसके फोटो हैं। बोहरा के पकड़े जाने के बाद यह फोटो वायरल होने लगा। इसके बाद यह फोटो फेसबुक प्रोफाइल से हटा दिए गए। यह साबित करता है कि सटोरिये की बड़े क्रिकेटर्स से भी पहचान है। गैंगस्टर में भी पुलिस ने निकाल दिया था नाम श्याम बोहरा का सट्टा वर्ष 2009 में ताजगंज क्षेत्र में पकड़ा गया था। उसके कई साथियों को जुआ एक्ट के साथ-साथ गैंगस्टर में जेल भेजा गया। इसमें श्याम बोहरा का नाम भी पुलिस ने खोल दिया। गैंगस्टर की विवेचना पहले रकाबगंज से हुई, फिर पर्यटन थाने में स्थानांतरित हुई। फ़िलहाल श्याम बोहरा जेल में है और पुलिस उसकी कुंडली खंगालने में लगी हुई है. फर्जी आईडी पर लिया था सिम कार्ड जेल में बंद सट्टा किंग श्याम बोहरा ने फर्जी आईडी पर सिम कार्ड लिए थे। इसका खुलासा पुलिस की जांच में हुआ है, उसके खिलाफ और केस दर्ज किए जा सकते हैं। पुलिस इस पर विचार कर रही है। उसका एक सिम दूसरे की आईडी पर मिला था। यह हाथरस के सब्जी विक्रेता की आईडी पर था। इस पर पुलिस जालसाजी का केस दर्ज कर चुकी है। नई जानकारी यह मिली थी कि उसके दो सिम कार्ड के लिए लगी आईडी दिल्ली की थीं। श्रीगंगानगर का सबसे बड़ा पर्ची सट्टा किंग राकेश नारंग गिरफ्तार